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भारतीय नववर्ष 30मार्च2025 चैत्र शुक्ल प्रतिपदा ही क्यों? Hindu/Bhartiya New year 2025

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  1,36,08,53,126वें नववर्ष एवं चैत्र शुक्ल प्रतिपदा,युगाब्द 5127,विक्रमी संवत 2082तद्नुसार मंगलवार 10 मार्च2025 के शुभ अवसर पर आपको सपरिवार हार्दिक शुभकामनायें। भारतीय संस्कृति में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का महत्वपूर्ण स्थान है। ब्रह्मपुराण में उल्लेख है- चैत्र मास से जगद्ब्रह्मा ससर्ज पृथमेहनि, शुक्ल पक्षे समग्रन्तु तदा सूर्योदये गति। यानी प्रतिपदा तिथि को ही ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचनाकर मानव की उत्पत्ति की थी। महान गणितज्ञ भास्कराचार्य ने इसी शुभ तिथि को सूर्योदय से सूर्यास्त तक दिन, महीना और वर्ष की गणना करते हुए प्रथम भारतीय पंचांग की रचना की थी। जहां एक ओर दुनिया के अन्य देशों में नया साल मनाने का आधार किसी व्यक्ति, घटना व स्थान से जुड़ा है, विदेशी लोग अपने नववर्ष अपने देश की सामाजिक और धार्मिक परंपराओं और मान्यताओं के अनुसार मनाते हैं,लेकिन भारतीय नववर्ष ब्रह्मांड के अनादि तत्वों से जुड़ा है। ग्रह- नक्षत्रों की गति पर आधारित भारतीय नववर्ष सबसे अनूठा और सर्वाधिक वैज्ञानिक है। भारतीय ज्योतिष के विद्वानों ने वैदिक युग में बता दिया था, कि अमुक दिन, अमुक समय से सूर्यग्रहण होगा। यह क...

विश्व रंगमंच दिवस 2025की थीम क्या है? World Theatre day 2025

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  World Theatre Day 2025: History, विश्व रंगमंच दिवस 2025 हर वर्ष 27 मार्च को विश्‍व रंगमंच दिवस (World Theatre Day) मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य रंगमंच की कला को बढ़ावा देना और इस क्षेत्र से जुड़े कलाकारों, निर्देशकों, लेखकों और तकनीशियनों को सम्मान देना है। इसकी स्थापना 1961 मैं अंतर्राष्ट्रीय रंगमंच संस्थान आईटीआई द्वारा की गई थी।साथ ही एक दूसरे की संस्कृति को विश्व स्तर पर साझा करना है। प्रेम भाव और शांति की संस्कृति को बढ़ाना है।यह दिवस अंतरराष्ट्रीय रंगमंच संस्थान (ITI – International Theatre Institute) द्वारा 1961 में शुरू किया गया था। रंगमंच (थिएटर)  यह एक प्रदर्शन कला (Performing Art) है, जिसमें कलाकार दर्शकों के सामने अभिनय (Acting), संवाद (Dialogue), संगीत (Music), नृत्य (Dance) और अन्य कलात्मक तत्वों के माध्यम से एक कहानी प्रस्तुत करते हैं। यह मनोरंजन का सबसे पुराना माध्यम है, जो समाज की भावनाओं, विचारों और संस्कृति को दर्शाता है। रंगमंच का इतिहास प्राचीन ग्रीस से जुड़ा रंगमंच का इतिहास हुआ है, जहां थेस्पिस (Thespis) नामक कलाकार ने पहली बार एकल अभिनय ...

क्या है? चिपको आंदोलन का इतिहास? What is Chipko Movement?

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  [26/03, 3:19 am] sr8741002@gmail.com: उत्तर प्रदेश/आज उत्तराखंड में चिपको आंदोलन 26 मार्च 1974 को रैणी गांव की महिलाओं ने पेड़ों को गले लगा कर और घेरकर वन विभाग के अधिकारियों और ठेकेदारों को पेड़ों को काटने से रोका,  चिपको आंदोलन एक पर्यावरण-रक्षा का आन्दोलन था। यह भारत के उत्तराखण्ड राज्य (तब उत्तर प्रदेश का भाग) में किसानो ने वृक्षों की कटाई का विरोध करने के लिए किया था। वे राज्य के वन विभाग के ठेकेदारों द्वारा वनों की कटाई का विरोध कर रहे थे और उन पर अपना परम्परागत अधिकार जता रहे थे।यह आन्दोलन तत्कालीन उत्तर प्रदेश के चमोली जिले में सन् 1973 में प्रारम्भ हो गया था। एक दशक के अन्दर यह पूरे उत्तराखण्ड क्षेत्र में फैल गया था। चिपको आन्दोलन की एक मुख्य बात थी कि इसमें स्त्रियों ने भारी संख्या में भाग लिया था। शुरुवात 1973 में भारत के प्रसिद्ध पर्यावरणविद् सुन्दरलाल बहुगुणा, कामरेड गोविन्द सिंह रावत, चण्डीप्रसाद भट्ट तथा श्रीमती गौरादेवी के नेत्रत्व मे हुई थी। यह भी कहा जाता है कि कामरेड गोविन्द सिंह रावत ही चिपको आन्दोलन के व्यावहारिक पक्षधर थे। जब चिपको की मार व्यापक प्रतिबं...

क्या है विश्व गौरैया संरक्षण दिवस 2025 की थीम World sparrow day 2025

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  विश्व गौरैया दिवस 2025 महत्व और इतिहास: हर साल 20 मार्च को विश्व गौरैया दिवस मनाया जाता है ताकि घरों में चहकने वाली इन नन्हीं चिड़ियों की घटती आबादी को लेकर जागरूकता फैलाई जा सके और इनके संरक्षण के लिए कदम उठाए जाएं। इस दिवस की शुरुआत 2010 में भारत की नेचर फॉरएवर सोसाइटी द्वारा की गई थी। आज यह एक वैश्विक पहल बन चुकी है, जिसमें 50 से अधिक देश संरक्षण अभियानों में भाग ले रहे हैं। विश्व गौरैया दिवस 2025की थीम -हमारे छोटे पंख वाले दोस्तों की चहचहाहट को संरक्षित करना।  I love sparrow  गौरैया की घटती चहचहाहट गांवों की शांत सुबह से लेकर शहरों की व्यस्त गलियों तक, कभी गौरैया की चहचहाहट आम बात थी। ये नन्हीं चिड़ियां घरों, मंदिरों और पेड़ों में बसेरा करती थीं। लेकिन समय के साथ, इनकी संख्या तेजी से घटती गई और अब यह एक दुर्लभ दृश्य बन चुकी हैं। गौरैयाओं के लुप्त होने के पीछे कई कारण हैं, जिनमें शहरीकरण, प्रदूषण और कीटनाशकों का बढ़ता उपयोग शामिल हैं। इन चुनौतियों को देखते हुए संरक्षण कार्यकर्ताओं और पर्यावरणविदों ने इनके बचाव के लिए कदम उठाने शुरू किए हैं। विश्व गौरैया दिवस का इतिहा...

क्या है अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2025की थीम? International Women's day 2025

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  [07/03, 9:48 pm] sr8741002@gmail.com: Women's Day 2025 प्रतिवर्ष अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को मनाया जाता है  International Women's Day 2025 अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2025 -  समाज को तब तक विकसित नहीं किया जा सकता, जब तक महिलाएं हर क्षेत्र में स्वतंत्र और सशक्त न हो जाएं। महिलाओं के अधिकारों, समानता और उनके योगदान को सम्मान देने के लिए दुनियाभर के तमाम देश हर साल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाते हैं। इस दिन को मनाने का उद्देश्य समाज में महिलाओं की भूमिका को स्वीकार करना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। महिला दिवस महज एक दिन का उत्सव नहीं है, बल्कि महिला सशक्तिकरण और समानता की दिशा में एक कदम है। महिला दिवस का इतिहास   महिला दिवस मनाने की शुरुआत 20वीं सदी से हुई थी। 1908 में अमेरिका में कामकाजी महिलाओं ने कम वेतन, लंबे कार्य घंटे और मतदान के अधिकार की मांग को लेकर न्यूयॉर्क में प्रदर्शन किया। इसके एक साल बाद 1909 में अमेरिका की सोशलिस्ट पार्टी ने 28 फरवरी को पहला राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया। बाद में क्लारा जेटकिन नाम की समाजवादी नेता ने 8 मार्च को अंतरर...

महाकुंभ 2025 प्रयागराज में क्या बने विश्व रिकॉर्ड? Mahakumbh Prayagraj 2025 Records

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  महाकुंभ में बने रिकॉर्ड :-  45 दिन में 66 करोड़ 30 लाख भक्तों ने लगाई डुबकी, यह सिर्फ भारत-चीन की आबादी से कम है। इस बार महाकुंभ में क्या-क्या रिकॉर्ड बने हैं? संख्या के लिहाज से यह आयोजन कितना बड़ा है। बीते 45 दिनों में प्रयागराज की जनसंख्या कितने देशों की आबादी से ज्यादा रही है? इसके अलावा इस महाकुंभ रिकॉर्ड बने जो गिनीज वर्ल्ड बुक में दर्ज किये जा सकते हैं। Mahakumbh 2025 World Records made and broken in UPs Prayagraj largest event populationwise India and the world महाकुंभ 2025।   6करोड़ 30लाख भक्तों ने 2025 के  महाकुंभनगरी पहुंचकर संगम में डुबकी लगाई है। अगर संख्या के लिहाज से बात करें तो यह भारत की कुल आबादी का 50 फीसदी से ज्यादा है। यानी आधे से ज्यादा भारत इस बार महाकुंभ में डुबकी लगा चुका है।  संख्या के लिहाज से यह आयोजन कितना बड़ा है। बीते 45 दिनों में प्रयागराज की जनसंख्या कितने देशों की आबादी से ज्यादा रही है? इसके अलावा इस महाकुंभ में ऐसे कौन से रिकॉर्ड हैं, जो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में जगह बना सकते हैं। आइये जानते हैं। दुनिया के किसी आय...

महाशिवरात्रि का सनातन में क्यों इतना महत्व है?Mahashivrati2025

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  महाशिवरात्रि का पर्व हर साल फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाते हैं। महाशिवरात्रि को भगवान शिव के प्रति अपनी भक्ति और श्रद्धा प्रकट करने का एक विशेष अवसर माना जाता है, पौराणिक कथा के अनुसार फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर पहली बार भगवान शिव ज्योतिर्लिंग में प्रकट हुए थे, इसे महाशिवरात्रि रूप में मनाया जाता है,और भगवान शिव के निराकार रुप से साकार रूप मे अवतरण माना जाता है, भगवान शिव ने तांडव नृत्य किया था।2025 मे महाशिवरात्रि 26 फरवरी को है।यह पर्व भगवान शिव और माता सती के विवाह को समर्पित एक सनातनी पर्व है। माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था, इस दिन शिव भक्त उपवास और शिव मंदिरों में पूजा अर्चना करते हैं । (उपवास का अर्थ है समीप वास करना अर्थात भगवान के समीप वास करना।) भगवान शिव और माता सती के विवाह की कहानी इस प्रकार  है।  कहते हैं कि एक बार दंड का रण मे भगवान राम और लक्ष्मण जी माता सीता की खोज में विचरण कर रहे थे। इस कथा का उल्लेख श्रीमद् भागवत कथा और रामचरितमानस में भी  है ।तो जब भगवान राम और लक्ष...

24फरवरी को भारत व विश्वभर की महत्वपूर्ण घटनाएं ? important events in India and around the world on February 24

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  24 फरवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ :- 1-1821 मैक्सिको ने स्पेन से स्वतंत्रता हासिल की। 2-1822 दुनिया के पहले स्वामी नारायण मंदिर का अहमदाबाद में उद्घाटन हुआ। 3-1831 दा ट्रीटि ऑफ डासिंग रेबिट क्रीक वह पहली संधि है जिसे भारतीय रिमूवल एक्ट से हटाने की घोषणा की गयी। 4-1882  संक्रामक बीमारी टीबी की पहचान आज ही के दिन की गई थी। 5-1894 निकारागुआ ने हाेंडुरास की राजधानी तेगुसिगालपा पर कब्जा किया। 6-1895 क्यूबा में स्वतंत्रता प्राप्ति के लिये लड़ाई शुरु हुई। 7-1976 अर्जेन्टीना में सेना प्रमुखों द्वारा बलात् सत्ता ग्रहण, राष्ट्रपति श्रीमती पैरों गिरफ्तार एवं संसद भंग। 8-2001पाकिस्तान भारत से परमाणु निवारण के लिए वार्ता को तैयार। 9-2003 चीन के जिजियांग प्रान्त में भीषण भूकम्प से 257 मरे। 10-2004 रूस के राष्ट्रपति ब्लादीमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री मिखाइल कास्यानोव को उनके पद से हटाया। 11-2006 फिलीपींस में तख्तापलट की कोशिश के बाद आपातकाल लागू। 12-2008 रिलायंस पावर ने अपने शेयर धारकों की क्षतिपूर्ति के लिए बोनस शेयर जारी करने का फैसला किया। 13-मुम्बई की शगुन साराभाई ने जोहांसवर्ग में मिस इण्ड...

सदाशिव गोलवलकर उपाख्य गुरूजी को क्यों राष्ट्रऋषि माना जाता है?Sadashiv Golvalkar (Guru ji) second chief of RSS

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  सदाशिव गोळवलकर उपाख्य श्री गुरुजी का जन्म 19 फ़रवरी 1906 को  रामटेक महाराष्ट्र मे हुआ था।  वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक 1940 से 1973 तक रहे। तथा वे महान विचारक थे। वे गुरूजी' के ही नाम से अधिक जाने जाते थे। हिन्दुत्व की विचारधारा का प्रवर्तन करने वालों  मे उनका नाम प्रमुख है। वे संघ के द्वित्तीय सर संघचालक रहे।और आरम्भिक नेताओं में से एक थे।  वे अपने माता-पिता की चौथी संतान थे। उनके पिता का नाम श्री सदाशिव राव उपाख्य 'भाऊ जी' तथा माता का श्रीमती लक्ष्मीबाई उपाख्य 'ताई' था। उनका बचपन में नाम माधव रखा गया पर परिवार में वे मधु के नाम से ही पुकारे जाते थे। पिता सदाशिव राव प्रारम्भ में डाक-तार विभाग में कार्यरत थे परन्तु बाद में उनकी नियुक्ति शिक्षा विभाग में 1908 में अध्यापक पद पर हो गयी। मधु जब मात्र दो वर्ष के थे तभी से उनकी शिक्षा प्रारम्भ हो गयी थी। पिताश्री भाऊजी जो भी उन्हें पढ़ाते थे उसे वे सहज ही इसे कंठस्थ कर लेते थे। बालक मधु में कुशाग्र बुद्धि, ज्ञान की लालसा, असामान्य स्मरण शक्ति जैसे गुणों का समुच्चय बचपन से ही विकसित हो रहा था। सन्...

शिरोमणि संत रविदास जी को क्यों समरसता समाज,और वैदिक धर्म पर आस्था थी?Sant Ravidas

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  [12/02, 6:19 am] sr8741002@gmail.com: संत शिरोमणि रविदास जी का संक्षिप्त जीवन परिचय Sant Ravidas Jayanti  रविदास जी को पंजाब में रविदास कहा। उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और राजस्थान में उन्हें रैदास के नाम से ही जाना जाता है। गुजरात और महाराष्ट्र के लोग 'रोहिदास' और बंगाल के लोग उन्हें ‘रुइदास’ कहते हैं। कई पुरानी पांडुलिपियों में उन्हें रायादास, रेदास, रेमदास और रौदास के नाम से भी जाना गया है। कहते हैं कि माघ मास की पूर्णिमा को जब रविदास जी ने जन्म लिया वह रविवार का दिन था जिसके कारण इनका नाम रविदास रखा गया। उनका जन्म माघ माह की पूर्णिमा को हुआ था। इस वर्ष 12 फरवरी 2025 को उनकी जयंती मनाई जा रही है। संत शिरोमणि कवि रविदास का जन्म माघ पूर्णिमा को 1376 ईस्वी को उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर के गोबर्धनपुर गांव में हुआ था। उनकी माता का नाम कर्मा देवी (कलसा) तथा पिता का नाम संतोख दास (रग्घु) था। उनके दादा का नाम श्री कालूराम जी, दादी का नाम श्रीमती लखपती जी, पत्नी का नाम श्रीमती लोनाजी और पुत्र का नाम श्रीविजय दास जी है। रविदास जी चर्मकार कुल से होने के कारण वे जूते बनाते थे। ऐसा करने...

बसंत पंचमी और मां सरस्वती की पूजा मुहुर्त कब है?Basant Panchami 2025

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  [02/02, 7:22 am] sr8741002@gmail.com: Basant Panchami 2025- हिंदू पंचांग के अनुसार, बसंत पंचमी हर साल माघ महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। इस साल बसंत पंचमी का पर्व 2 तारीखों पर पड़ रहा है, ऐसे में इस साल कुछ जगहों पर 2 फरवरी तो वहीं कुछ जगहों पर 3 फरवरी को बसंत पंचमी मनाई जाएगी। ये दिन खास तौर पर वसंत ऋतु के आने और देवी सरस्वती की पूजा का होता है। इस दिन विद्या, ज्ञान और कला की देवी मां सरस्वती की पूजा का विशेष महत्व है। बसंत पंचमी का त्योहार भारत के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है। इसके पीछे छिपी पौराणिक कथा। बसंत पंचमी का सीधा संबंध माता सरस्वती से है। पौराणिक कथा के अनुसार, जब भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की, तो सृष्टि में कोई जीवन था, लेकिन वह जीवन शांत और बिना किसी आवाज के था। भगवान ब्रह्मा ने अपने कमंडल से जल छींटा, जिससे देवी सरस्वती प्रकट हुईं। देवी सरस्वती ने वीणा बजाकर पूरे संसार में मधुर आवाज फैलाई और सृष्टि में जीवन का संचार हुआ। तभी से देवी सरस्वती को ज्ञान, संगीत और कला की देवी माना जाता है, और इस तिथि पर बसंत पंचमी मनाए जान...

क्या हैं भारत व विश्वभर में 2 फरवरी का इतिहास? what is the history in India and around and around the world on February 2?

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  2 फरवरी को भारत व विश्वभर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ :- 1-1509 भारत में दीव (गोआ, दमन और दीव) के पास पुर्तग़ाल व तुर्की के बीच युद्ध हुआ। 2-1556 चीन के शैन्सी प्रांत में आये विनाशकारी भूकंप में करीब आठ लाख तीस हजार लोगों की मौत हुई। 3-1626 चार्ल्स प्रथम इंग्लैंड के सम्राट बने। 4-1788 देश में प्रशासनिक सुधारों के लिये पिट्स नियामक अधिनियम को लागू किया गया। 5-1814 कलकत्ता (अब कोलकाता) संग्रहालय की स्थापना हुई। 6-1862 शंभूनाथ पंडित कलकत्ता उच्च न्यायालय के पहले भारतीय न्यायाधीश बने। 7-1892 रशिया ने कैलिफ़ोर्निया में 'फर ट्रेडिंग कॉलोनी' की स्थापना की। 8-1901 क्वीन विक्टोरिया का अंतिम संस्कार हुआ। 9-1913 न्यूयार्क में 'ग्रैंड सेंट्रल टर्मिनल' की ओपनिंग हुई। 10-1920 फ्रांस ने मैमेल पर कब्जा किया। 11-1922  जेम्स जॉयस का लिखा उपन्यास 'यूलिसिस' पहली बार प्रकाशित किया गया। 12-1939 हंगरी ने सोवियत संघ के साथ संबंध समाप्त किये। 13-1952 मद्रास में भारत ने पहला टेस्ट क्रिकेट जीता। 14-1953 अखिल भारतीय खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड का गठन किया गया। 15-1966 पाकिस्तान ने 'कश्मीर स...

क्या हैं 1फरवरी को भारत व विश्वभर की महत्वपूर्ण घटनाएं? what are the important events in India and around the world on February 1?

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  1 फरवरी को भारत व विश्वभर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ :- 1-1786  लॉर्ड कार्नवालिस भारत के गवर्नर जनरल बने। 2-1790 न्यूयार्क शहर में पहली बार 'सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ द यूनाइटेड स्टेट्स' का आयोजन किया गया। 3-1793 फ्रांस ने 'यूनाइटेड किंगडम' और नीदरलैंड पर युद्ध की घोषणा की। 4-1797 लार्ड काॅर्नवालिस ने बंगाल के गवर्नर जनरल के पद की शपथ ली। 5-1814 फिलीपींस में ज्वालामुखी फटने से करीब 1,200 लोगों की माैत हुई। 6-1827 कलकत्ता बंगाल क्लब की स्थापना हुई। 7-1835 ईस्ट इंडिया कम्पनी ने दार्जिलिंग को सिक्किम के पट्टे पर लिया। 8-मॉरीशस में 'गुलामी प्रथा' का समापन हुआ। 9-1855 ईस्ट इंडिया रेलवे का विधिवत उद्घाटन हुआ। 10-1881 दिल्ली के सबसे पुराने कॉलेज सेंट स्टीफन काॅलेज की स्थापना हुई। 11-1884 डाक बीमा योजना लागू हुई। 12-ऑक्सफ़ोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी' का पहला वॉल्यूम 'ए टू आंट' का प्रकाशन। 13-1908 पुर्तगाल नरेश कार्लास प्रथम और युवराज लुइस फिलिप की लिस्बन में हत्या हुई तथा मैनुअल द्वितीय शासक बने। 14-1922 महात्मा गाँधी ने असहयोग आंदोलन तेज करने की जानकारी भारत के वायसराय को ...

क्या है 30जनवरी को भारत व विश्वभर की महत्वपूर्ण घटनाएं? what are the important events in India and around the world on January 30?

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  30 जनवरी को भारत व विश्वभर  की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ :- 1-1522  ल्यूबेक और डेनमार्क के बीच युद्ध। 2-1641 पुर्तग़ाल ने मलक्का की खाड़ी व मलाया डचों को सौंप दी। 3-1648  स्पेन और हॉलैंड के बीच शांति समझौता हुआ। 4-1649 इंग्लैंड के सम्राट 'चार्ल्स प्रथम' को फ़ांसी दी गई। 5-1788  ब्रिटेन के राजकुमार' चार्ल्स एडवर्ड स्टुअर्ट' की रोम में मौत हो गयी। 6-1790 - लाइफबोट के तौर पर निर्मित पहली नाव का टायन नदी में परीक्षण। 7-1902  चीन और कोरिया की स्वतंत्रता के बारे में ब्रिटेन और जापान के बीच पहली 'आंग्ल-जापानी संधि' पर लंदन में हस्ताक्षर हुए। 8-1903  लॉर्ड कर्ज़न ने मेटकाफ़ हॉल में 'इंपीरियल लाइब्रेरी' का उद्घाटन किया। 9-1911 'कैनेडियन नेवल सर्विस' का नाम बदलकर 'रॉयल कैनेडियन नेवी' किया गया। 10-1913  'हाउस आफ लॉर्ड्स' ने आइरिश होम रूल बिल को ख़ारिज किया। 11-1933 एडॉल्फ हिटलर ने आधिकारिक रूप से जर्मनी के चांसलर की कमान सम्भाली। 12-1943 स्टालिन ग्राफ के पास सोवियत फौजों से जर्मन सेना हारी। 13-1948 महात्मा गांधी की हत्या हुई। 14-1949  रात्रि एयर...