भारतीय नववर्ष 30मार्च2025 चैत्र शुक्ल प्रतिपदा ही क्यों? Hindu/Bhartiya New year 2025

1,36,08,53,126वें नववर्ष एवं चैत्र शुक्ल प्रतिपदा,युगाब्द 5127,विक्रमी संवत 2082तद्नुसार मंगलवार 10 मार्च2025 के शुभ अवसर पर आपको सपरिवार हार्दिक शुभकामनायें। भारतीय संस्कृति में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का महत्वपूर्ण स्थान है। ब्रह्मपुराण में उल्लेख है- चैत्र मास से जगद्ब्रह्मा ससर्ज पृथमेहनि, शुक्ल पक्षे समग्रन्तु तदा सूर्योदये गति। यानी प्रतिपदा तिथि को ही ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचनाकर मानव की उत्पत्ति की थी। महान गणितज्ञ भास्कराचार्य ने इसी शुभ तिथि को सूर्योदय से सूर्यास्त तक दिन, महीना और वर्ष की गणना करते हुए प्रथम भारतीय पंचांग की रचना की थी। जहां एक ओर दुनिया के अन्य देशों में नया साल मनाने का आधार किसी व्यक्ति, घटना व स्थान से जुड़ा है, विदेशी लोग अपने नववर्ष अपने देश की सामाजिक और धार्मिक परंपराओं और मान्यताओं के अनुसार मनाते हैं,लेकिन भारतीय नववर्ष ब्रह्मांड के अनादि तत्वों से जुड़ा है। ग्रह- नक्षत्रों की गति पर आधारित भारतीय नववर्ष सबसे अनूठा और सर्वाधिक वैज्ञानिक है। भारतीय ज्योतिष के विद्वानों ने वैदिक युग में बता दिया था, कि अमुक दिन, अमुक समय से सूर्यग्रहण होगा। यह क...